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विवाह मुहूर्त — शुभ विवाह की तिथियाँ

Read in English · गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण मुहूर्त

ग्रह-गणना से निकाली गई शुभ विवाह मुहूर्त की तिथियाँ — किसी सूची से नक़ल की हुई नहीं। हर तिथि के साथ नक्षत्र, तिथि, वार और वे घंटे दिए हैं जब मुहूर्त वास्तव में खुला रहता है — और हर खाली अवधि पर उस काल का नाम लिखा है जिसने उसे बंद किया, ताकि कोई खाली जगह बिना व्याख्या के न रहे।

ये वे दिन हैं जो सामान्य नियमों पर खरे उतरते हैं, अंतिम घड़ी नहीं। पूरा मुहूर्त दोनों की जन्म-कुंडली और आपके परिवार की परंपरा के अनुसार चुना जाता है। यहाँ से शुरू करें, फिर यह सूची अपने ज्योतिषी के पास ले जाएँ। अगर अभी तक नहीं किया है, तो पहले कुंडली मिलान जाँच लें।

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2026 में विवाह की तिथियाँ
New Delhi के सूर्योदय पर पढ़ी गई · Asia/Kolkata

फ़रवरी 20262 तिथियाँ

19 फ़रवरी 2026गुरुवार
20:52 से 06:57 तक 20 फ़रवरी 2026 को
Uttara Bhadrapada · Shukla Tritiya · Phalguna मास
20 फ़रवरी 2026शुक्रवार
06:56 से 14:39 तक
Uttara Bhadrapada · Shukla Tritiya · Phalguna मास

मार्च 20266 तिथियाँ

4 मार्च 2026बुधवार
16:49 से 06:44 तक 5 मार्च 2026 को
Uttara Phalguni · Krishna Dwitiya · Phalguna मास
5 मार्च 2026गुरुवार
06:43 से 06:43 तक 6 मार्च 2026 को
Hasta · Krishna Tritiya · Phalguna मास
6 मार्च 2026शुक्रवार
06:42 से 09:30 तक
Hasta · Krishna Tritiya · Phalguna मास
8 मार्च 2026रविवार
06:40 से 13:32 तक
Swati · Krishna Panchami · Phalguna मास
9 मार्च 2026सोमवार
23:28 से 06:39 तक 10 मार्च 2026 को
Anuradha · Krishna Saptami · Phalguna मास
13 मार्च 2026शुक्रवार
03:03 से 06:34 तक (मुहूर्त 14 मार्च 2026 को खुलता है)
Uttara Ashadha · Krishna Dashami · Phalguna मास

अप्रैल 20267 तिथियाँ

15 अप्रैल 2026बुधवार
15:23 से 22:32 तक
Uttara Bhadrapada · Krishna Trayodashi · Chaitra मास
19 अप्रैल 2026रविवार
04:35 से 05:53 तक (मुहूर्त 20 अप्रैल 2026 को खुलता है)
Rohini · Shukla Tritiya · Vaishakha मास
20 अप्रैल 2026सोमवार
05:52 से 07:28 तक
Rohini · Shukla Tritiya · Vaishakha मास
26 अप्रैल 2026रविवार
05:46 से 20:27 तक
Magha · Shukla Dashami · Vaishakha मास
27 अप्रैल 2026सोमवार
21:19 से 05:45 तक 28 अप्रैल 2026 को
Uttara Phalguni · Shukla Dwadashi · Vaishakha मास
29 अप्रैल 2026बुधवार
05:43 से 19:52 तक
Hasta · Shukla Trayodashi · Vaishakha मास
30 अप्रैल 2026गुरुवार
02:17 से 05:43 तक (मुहूर्त 1 मई 2026 को खुलता है)
Swati · Shukla Purnima · Vaishakha मास

मई 20267 तिथियाँ

1 मई 2026शुक्रवार
05:42 से 22:53 तक
Swati · Shukla Purnima · Vaishakha मास
3 मई 2026रविवार
07:10 से 05:40 तक 4 मई 2026 को
Anuradha · Krishna Dwitiya · Vaishakha मास
4 मई 2026सोमवार
05:39 से 09:58 तक
Anuradha · Krishna Tritiya · Vaishakha मास
6 मई 2026बुधवार
07:52 से 15:54 तक
Moola · Krishna Panchami · Vaishakha मास
8 मई 2026शुक्रवार
12:22 से 21:20 तक
Uttara Ashadha · Krishna Saptami · Vaishakha मास
13 मई 2026बुधवार
05:33 से 05:33 तक 14 मई 2026 को
Uttara Bhadrapada · Krishna Dwadashi · Vaishakha मास
14 मई 2026गुरुवार
05:32 से 22:34 तक
Revati · Krishna Trayodashi · Vaishakha मास

जून 20267 तिथियाँ

19 जून 2026शुक्रवार
10:07 से 17:00 तक
Magha · Shukla Panchami · Jyeshtha मास
21 जून 2026रविवार
09:32 से 15:21 तक
Uttara Phalguni · Shukla Saptami · Jyeshtha मास
24 जून 2026बुधवार
13:59 से 05:26 तक 25 जून 2026 को
Swati · Shukla Ekadashi · Jyeshtha मास
25 जून 2026गुरुवार
05:26 से 16:29 तक
Swati · Shukla Ekadashi · Jyeshtha मास
26 जून 2026शुक्रवार
19:16 से 05:26 तक 27 जून 2026 को
Anuradha · Shukla Trayodashi · Jyeshtha मास
28 जून 2026रविवार
03:07 से 05:27 तक (मुहूर्त 29 जून 2026 को खुलता है)
Moola · Shukla Purnima · Jyeshtha मास
29 जून 2026सोमवार
05:27 से 04:04 तक 30 जून 2026 को
Moola · Shukla Purnima · Jyeshtha मास

जुलाई 20264 तिथियाँ

1 जुलाई 2026बुधवार
07:39 से 05:28 तक 2 जुलाई 2026 को
Uttara Ashadha · Krishna Dwitiya · Jyeshtha मास
2 जुलाई 2026गुरुवार
05:28 से 09:28 तक
Uttara Ashadha · Krishna Dwitiya · Jyeshtha मास
6 जुलाई 2026सोमवार
16:08 से 05:30 तक 7 जुलाई 2026 को
Uttara Bhadrapada · Krishna Saptami · Jyeshtha मास
12 जुलाई 2026रविवार
05:33 से 22:30 तक
Mrigashira · Krishna Trayodashi · Jyeshtha मास

नवंबर 20263 तिथियाँ

25 नवंबर 2026बुधवार
16:51 से 06:53 तक 26 नवंबर 2026 को
Mrigashira · Krishna Dwitiya · Kartika मास
26 नवंबर 2026गुरुवार
06:53 से 17:47 तक
Mrigashira · Krishna Dwitiya · Kartika मास
30 नवंबर 2026सोमवार
09:43 से 00:12 तक 1 दिसंबर 2026 को
Magha · Krishna Saptami · Kartika मास

दिसंबर 20266 तिथियाँ

2 दिसंबर 2026बुधवार
22:53 से 06:58 तक 3 दिसंबर 2026 को
Uttara Phalguni · Krishna Dashami · Kartika मास
3 दिसंबर 2026गुरुवार
06:59 से 06:59 तक 4 दिसंबर 2026 को
Hasta · Krishna Dashami · Kartika मास
4 दिसंबर 2026शुक्रवार
07:00 से 10:23 तक
Hasta · Krishna Ekadashi · Kartika मास
6 दिसंबर 2026रविवार
07:01 से 13:38 तक
Swati · Krishna Trayodashi · Kartika मास
10 दिसंबर 2026गुरुवार
08:47 से 23:58 तक
Moola · Shukla Dwitiya · Margashirsha मास
11 दिसंबर 2026शुक्रवार
03:05 से 07:05 तक (मुहूर्त 12 दिसंबर 2026 को खुलता है)
Uttara Ashadha · Shukla Tritiya · Margashirsha मास

खाली महीने खाली क्यों हैं

Kharmas1 जनवरी 2026 से 14 जनवरी 2026 तक — the Sun is in Sagittarius
Shukra asta15 जनवरी 2026 से 17 फ़रवरी 2026 तक — Venus is 2.0° from the Sun and not visible
Holashtak25 फ़रवरी 2026 से 3 मार्च 2026 तक — the eight days before Holi
Kharmas15 मार्च 2026 से 14 अप्रैल 2026 तक — the Sun is in Pisces
Adhik maas17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक — the extra Jyeshtha
Guru asta15 जुलाई 2026 से 24 जुलाई 2026 तक — Jupiter is 10.6° from the Sun and not visible
Chaturmas25 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक — between Devshayani and Devuthani Ekadashi
Kharmas17 दिसंबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक — the Sun is in Sagittarius

Computed from the Swiss Ephemeris with the Lahiri ayanamsa, read at sunrise for the place given. A date is listed when the moon is in one of the 11 nakshatras accepted for wedding, the tithi is accepted, the weekday is one of Friday, Monday, Sunday, Thursday, Wednesday, none of the closed seasons that apply to it is running, and the window those conditions leave open is at least 45 minutes long.

These are the days that clear the general rules — the shortlist an astrologer starts from, not the final time. The hour itself is chosen against both birth charts and your family's tradition.

एक प्रति रखें, या परिवार को भेजें। हम आपके जन्म-विवरण सहेजते नहीं — ईमेल एक बार बनता है और विवरण उसी के साथ मिटा दिए जाते हैं।

लोग अक्सर पूछते हैं

विवाह मुहूर्त क्या है?

विवाह के लिए शुभ समय। चार बातें एक साथ मिलनी चाहिए — चंद्रमा जिस नक्षत्र में है, तिथि, वार और चंद्र मास — और कोई भी बंद अवधि न चल रही हो। पूरे मुहूर्त में दोनों की जन्म-कुंडली भी तौली जाती है, और यही वह चीज़ है जो पारिवारिक ज्योतिषी ऐसी सूची में जोड़ता है।

महीनों तक विवाह की कोई तिथि क्यों नहीं होती?

दो लंबी अवधियाँ पंचांग को बंद रखती हैं। चातुर्मास देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक चलता है, लगभग जुलाई से नवंबर। खरमास तब होता है जब सूर्य धनु या मीन राशि में हो — इससे मध्य दिसंबर से मध्य जनवरी और मध्य मार्च से मध्य अप्रैल निकल जाते हैं। दोनों मिलाकर साल के आधे से कहीं ज़्यादा हिस्से में कोई विवाह नहीं होता।

शुक्र अस्त क्या है और यह तिथियाँ क्यों रद्द कर देता है?

विवाह का ग्रह शुक्र जब सूर्य के इतना निकट आ जाए कि दिखाई न दे। परंपरा के अनुसार शुक्र के अस्त रहते कोई विवाह नहीं होता, और यही नियम गुरु पर भी लागू है। ये अवधियाँ हर साल बदलती हैं, और कैलेंडर पर ठीक दिखने वाली तिथि को ज्योतिषी के मना करने का यही सबसे आम कारण है।

विवाह के लिए कौन-से नक्षत्र शुभ हैं?

सत्ताईस में से ग्यारह: रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद और रेवती। कुछ परिवार चित्रा और पुनर्वसु को भी मानते हैं, इसीलिए यहाँ हर तिथि के सामने लागू नियम छपा है।

मुहूर्त कभी-कभी देर रात क्यों शुरू होता है?

क्योंकि तिथि और नक्षत्र अपने-अपने समय पर बदलते हैं, आधी रात को नहीं। हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, इसलिए किसी तारीख़ का एकदम अच्छा मुहूर्त रात दस बजे या अगली सुबह के शुरुआती घंटों में भी पड़ सकता है। हर मुहूर्त के लिए सटीक तारीख़ और समय दिया गया है।

क्या तिथियाँ शहर के हिसाब से बदलती हैं?

हाँ, थोड़ी-सी। पंचांग सूर्योदय पर पढ़ा जाता है, और कोलकाता और अहमदाबाद के सूर्योदय में लगभग एक घंटे का अंतर है, इसलिए भोर से ठीक पहले खुलने वाला मुहूर्त दोनों जगह अलग-अलग दिन का हो सकता है। यहाँ दुनिया का कोई भी शहर चलता है, कोई छोटी सूची नहीं — कोयंबटूर, गुवाहाटी, टोरंटो या नैरोबी का परिवार दिल्ली का नहीं, अपना सूर्योदय पाता है — और जहाँ डेलाइट सेविंग से घड़ी बदलती है, वह हर तिथि पर अलग से लागू होती है, मान नहीं ली जाती।

क्या यह पंडित से पूछने जैसा ही है?

नहीं, और इसका उद्देश्य भी यह नहीं है। यह वे दिन देता है जो सामान्य नियमों पर खरे उतरते हैं — वह छोटी सूची जहाँ से ज्योतिषी शुरू करता है। घड़ी स्वयं दोनों की जन्म-कुंडली, लग्न और आपके परिवार की परंपरा के अनुसार चुनी जाती है।

जन्म नक्षत्र पक्का नहीं है? अपना नक्षत्र और राशि जानें। पहले मिलान करना है? गुण मिलान या दस पोरुथम।