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अश्विनी और मूल नक्षत्र मिलान

अश्विनी और मूल को विवाह मिलान के पारंपरिक गुण मिलान में 36 में से 14 गुण मिलते हैं। यह अठारह गुण की सीमा से नीचे है। यह कोई रोक नहीं है — कई अच्छे विवाह इसी वर्ग में हैं — पर यह संकेत है कि हर कूट को देखा जाए और परिवार चाहे तो ज्योतिषी से उपाय पूछे।

14 / 36
औसत — सोच-समझकर आगे बढ़ें
नक्षत्र-आधारित कूट1 / 21तारा · योनि · गण · नाड़ी
राशि-आधारित कूट13 / 15चंद्रमा मेष और धनु में

कूट दर कूट

कूट · क्या मापता हैअंकपरिणाम
वर्ण
आध्यात्मिक झुकाव और कार्य-नीति का मेल
0 / 1शून्य
वश्य
रोज़मर्रा में एक-दूसरे पर प्रभाव और सहज तालमेल
2 / 2पूर्ण
तारा
एक-दूसरे के भाग्य और स्वास्थ्य पर प्रभाव
0 / 3शून्य
योनि
शारीरिक और भावनात्मक निकटता का मेल
1 / 4आंशिक
ग्रह मैत्री
मानसिक मेल — सोचने का ढंग कितना मिलता है
4 / 5आंशिक
गण
स्वभाव का मेल — शांत, संतुलित या तीव्र प्रकृति
0 / 6शून्य
भकूट
प्रेम, परिवार की वृद्धि और आर्थिक सामंजस्य
7 / 7पूर्ण
नाड़ी
स्वास्थ्य और संतान से जुड़ा मेल — परंपरा में सबसे भारी कूट
0 / 8शून्य

अश्विनी और मूल के लिए इन अंकों का अर्थ

अश्विनी देव गण का और मूल राक्षस गण का नक्षत्र है — परंपरा में ये दो गण सबसे दूर माने जाते हैं, इसलिए गण कूट 6 में से 0 अंक पाता है। दो वैसे मेल खाती कुंडलियों के बीच कम कुल अंक के पीछे अक्सर यही कूट होता है; यह स्वभाव की बात है, चरित्र की नहीं।

नाड़ी 8 में से 0 अंक पाता है: इस गणना में अश्विनी और मूल एक ही नाड़ी में आते हैं, जिसे परंपरा में नाड़ी दोष कहा जाता है। यह वह कूट है जिसे परिवार सबसे अधिक महत्व देते हैं, और सामान्य सलाह है कि पूरी कुंडलियाँ ज्योतिषी को दिखाई जाएँ, जहाँ राशि और पद पर आधारित अपवाद अक्सर लागू होते हैं।

योनि कूट 4 में से 1 अंक पाता है — निकटता के कूट पर तटस्थ जोड़ी। अश्विनी और मूल के बीच नक्षत्र-दूरी की गिनती पर तारा कूट 3 में से 0 अंक पाता है।

चंद्रमा मेष (Aries) और धनु (Sagittarius) में होने पर भकूट पूरे 7 अंक पाता है — ये राशियाँ उस षडाष्टक (6/8) स्थिति में नहीं हैं जिसे यह कैलकुलेटर भकूट दोष मानता है। मेष का स्वामी मंगल और धनु का स्वामी गुरु है, जिससे ग्रह मैत्री 5 में से 4 और वश्य 2 में से 2 अंक पाता है। वर्ण 1 में से 0 अंक पाता है।

दोनों नक्षत्र

अश्विनी

फुर्तीले, ऊर्जावान और अग्रणी — स्वाभाविक उपचारक, जो पहले करते हैं और बाद में समझाते हैं।

स्वामी ग्रह
केतु
गण
देव
देवता
अश्विनी कुमार
प्रतीक
घोड़े का सिर
ली गई चंद्र राशि
मेष (Aries)

मूल

सत्य के खोजी जो हर बात की जड़ तक जाते हैं — दर्शन इनका घर है।

स्वामी ग्रह
केतु
गण
राक्षस
देवता
निर्ऋति
प्रतीक
जड़ों का गुच्छा
ली गई चंद्र राशि
धनु (Sagittarius)

चंद्र राशि की मान्यता के बारे में

चार कूट — वर्ण, वश्य, ग्रह मैत्री और भकूट — नक्षत्र नहीं, चंद्र राशि पढ़ते हैं, और दो नक्षत्रों के पृष्ठ के पास जन्म विवरण नहीं होता। अश्विनी के चारों पद मेष में आते हैं। मूल के चारों पद धनु में आते हैं। इसलिए ऊपर के राशि-आधारित 15 अंक सामान्य स्थिति बताते हैं; वास्तविक स्थिति जोड़े की अपनी कुंडलियाँ तय करती हैं।

किसी वास्तविक जोड़े का सटीक मिलान देखें

यह पृष्ठ दोनों नक्षत्रों को उनकी सामान्य चंद्र राशि में लेकर गणना करता है। निःशुल्क कैलकुलेटर दोनों की जन्म तिथि, समय और स्थान लेता है, प्रत्येक का वास्तविक नक्षत्र, पद और राशि निकालता है, और मांगलिक जाँच व छपने योग्य रिपोर्ट के साथ पूरे 36 गुणों का मिलान देता है। आपकी दी गई कोई जानकारी सहेजी नहीं जाती।

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TrueSaath Matrimony हर सुझाए गए प्रोफ़ाइल का गुण मिलान अपने आप करता है — अश्विनी नक्षत्र का सदस्य एक नज़र में देख लेता है कि मूल नक्षत्र का प्रोफ़ाइल कैसा बैठता है।

लोग अक्सर पूछते हैं

क्या अश्विनी और मूल नक्षत्र का विवाह के लिए अच्छा मिलान है?

अश्विनी और मूल को TrueSaath के गुण मिलान कैलकुलेटर में 36 में से 14 गुण मिलते हैं, जिसे यह "औसत — सोच-समझकर आगे बढ़ें" पढ़ता है। यह अठारह गुण की सीमा से नीचे है। यह कोई रोक नहीं है — कई अच्छे विवाह इसी वर्ग में हैं — पर यह संकेत है कि हर कूट को देखा जाए और परिवार चाहे तो ज्योतिषी से उपाय पूछे। दोनों की जन्म तिथि, समय और स्थान वाली पूरी कुंडली इस आँकड़े को बदल सकती है, इसलिए वास्तविक जोड़े के सटीक परिणाम के लिए निःशुल्क कैलकुलेटर का उपयोग करें।

अश्विनी और मूल के बीच कितने गुण मिलते हैं?

36 में से 14: नक्षत्र-आधारित 21 अंकों (तारा, योनि, गण, नाड़ी) में से 1, और राशि-आधारित 15 अंकों (वर्ण, वश्य, ग्रह मैत्री, भकूट) में से 13 — अश्विनी के लिए चंद्रमा मेष में और मूल के लिए धनु में मानकर।

क्या अश्विनी और मूल के बीच नाड़ी दोष है?

हाँ, इस गणना में: अश्विनी और मूल एक ही नाड़ी में हैं, इसलिए नाड़ी 8 में से 0 अंक पाता है। राशि और पद पर आधारित शास्त्रीय अपवाद अक्सर लागू होते हैं, इसीलिए अगला कदम पूरी कुंडलियों को ज्योतिषी से पढ़वाना होता है।

क्या इससे फ़र्क पड़ता है कि अश्विनी और मूल में लड़के का नक्षत्र कौन-सा है?

इस कैलकुलेटर में नहीं: हर कूट की गणना सममित है, इसलिए मूल और अश्विनी को भी वही 36 में से 14 गुण मिलते हैं। कुछ पारंपरिक पद्धतियाँ तारा केवल कन्या के नक्षत्र से गिनती हैं और एक-दो अंक का अंतर दे सकती हैं।

अश्विनी अन्य सभी नक्षत्रों के साथ

मूल अन्य सभी नक्षत्रों के साथ

मेष और धनु राशि मिलान देखें →

मिलान के आँकड़े TrueSaath के निःशुल्क कैलकुलेटर द्वारा गणित पारंपरिक गुण मिलान हैं, और संदर्भ के लिए हैं, सलाह के रूप में नहीं।