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अश्विनी और स्वाति नक्षत्र मिलान

अश्विनी और स्वाति को विवाह मिलान के पारंपरिक गुण मिलान में 36 में से 18 गुण मिलते हैं। यह लगभग अठारह गुण की उसी सीमा पर है जिसे कई परिवार न्यूनतम मानते हैं, इसलिए जो कूट शून्य हैं उन पर ठीक से चर्चा होनी चाहिए।

18 / 36
स्वीकार्य — कुछ बातों पर चर्चा ज़रूरी
नक्षत्र-आधारित कूट16 / 21तारा · योनि · गण · नाड़ी
राशि-आधारित कूट2 / 15चंद्रमा मेष और तुला में

कूट दर कूट

कूट · क्या मापता हैअंकपरिणाम
वर्ण
आध्यात्मिक झुकाव और कार्य-नीति का मेल
1 / 1पूर्ण
वश्य
रोज़मर्रा में एक-दूसरे पर प्रभाव और सहज तालमेल
0 / 2शून्य
तारा
एक-दूसरे के भाग्य और स्वास्थ्य पर प्रभाव
1 / 3आंशिक
योनि
शारीरिक और भावनात्मक निकटता का मेल
1 / 4आंशिक
ग्रह मैत्री
मानसिक मेल — सोचने का ढंग कितना मिलता है
1 / 5आंशिक
गण
स्वभाव का मेल — शांत, संतुलित या तीव्र प्रकृति
6 / 6पूर्ण
भकूट
प्रेम, परिवार की वृद्धि और आर्थिक सामंजस्य
0 / 7शून्य
नाड़ी
स्वास्थ्य और संतान से जुड़ा मेल — परंपरा में सबसे भारी कूट
8 / 8पूर्ण

अश्विनी और स्वाति के लिए इन अंकों का अर्थ

दोनों नक्षत्र देव गण के हैं, इसलिए गण कूट — स्वभाव का कूट — पूरे 6 अंक पाता है। रोज़मर्रा का टकराव सबसे पहले स्वभाव में दिखता है, इसलिए यहाँ मेल का महत्व इसके अंकों से अधिक है।

नाड़ी — 8 अंकों का सबसे भारी कूट — पूरे अंक पाता है: इस गणना में दोनों नक्षत्र अलग-अलग नाड़ी में आते हैं, और परिवार सबसे पहले यही देखते हैं।

योनि कूट 4 में से 1 अंक पाता है — निकटता के कूट पर तटस्थ जोड़ी। तारा कूट 3 में से 1 अंक पाता है — भाग्य पर प्रभाव के लिए मध्यम परिणाम।

चंद्रमा मेष (Aries) और तुला (Libra) में होने पर दोनों राशियाँ षडाष्टक (6/8) स्थिति में हैं, इसलिए भकूट 7 में से 0 अंक पाता है — जिसे यह कैलकुलेटर भकूट दोष मानता है। यह नक्षत्र पर नहीं, चंद्र राशि पर निर्भर करता है, इसलिए जिस जोड़े के पद पड़ोसी राशि में हों, उसमें यह दोष हो ही नहीं सकता। मेष का स्वामी मंगल और तुला का स्वामी शुक्र है, जिससे ग्रह मैत्री 5 में से 1 और वश्य 2 में से 0 अंक पाता है। वर्ण 1 में से 1 अंक पाता है।

दोनों नक्षत्र

अश्विनी

फुर्तीले, ऊर्जावान और अग्रणी — स्वाभाविक उपचारक, जो पहले करते हैं और बाद में समझाते हैं।

स्वामी ग्रह
केतु
गण
देव
देवता
अश्विनी कुमार
प्रतीक
घोड़े का सिर
ली गई चंद्र राशि
मेष (Aries)

स्वाति

स्वतंत्र और अनुकूलनशील — ये झुकते हैं पर टूटते नहीं, और कहीं भी फलते-फूलते हैं।

स्वामी ग्रह
राहु
गण
देव
देवता
वायु
प्रतीक
हवा में लहराता अंकुर
ली गई चंद्र राशि
तुला (Libra)

चंद्र राशि की मान्यता के बारे में

चार कूट — वर्ण, वश्य, ग्रह मैत्री और भकूट — नक्षत्र नहीं, चंद्र राशि पढ़ते हैं, और दो नक्षत्रों के पृष्ठ के पास जन्म विवरण नहीं होता। अश्विनी के चारों पद मेष में आते हैं। स्वाति के चारों पद तुला में आते हैं। इसलिए ऊपर के राशि-आधारित 15 अंक सामान्य स्थिति बताते हैं; वास्तविक स्थिति जोड़े की अपनी कुंडलियाँ तय करती हैं।

किसी वास्तविक जोड़े का सटीक मिलान देखें

यह पृष्ठ दोनों नक्षत्रों को उनकी सामान्य चंद्र राशि में लेकर गणना करता है। निःशुल्क कैलकुलेटर दोनों की जन्म तिथि, समय और स्थान लेता है, प्रत्येक का वास्तविक नक्षत्र, पद और राशि निकालता है, और मांगलिक जाँच व छपने योग्य रिपोर्ट के साथ पूरे 36 गुणों का मिलान देता है। आपकी दी गई कोई जानकारी सहेजी नहीं जाती।

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TrueSaath Matrimony हर सुझाए गए प्रोफ़ाइल का गुण मिलान अपने आप करता है — अश्विनी नक्षत्र का सदस्य एक नज़र में देख लेता है कि स्वाति नक्षत्र का प्रोफ़ाइल कैसा बैठता है।

लोग अक्सर पूछते हैं

क्या अश्विनी और स्वाति नक्षत्र का विवाह के लिए अच्छा मिलान है?

अश्विनी और स्वाति को TrueSaath के गुण मिलान कैलकुलेटर में 36 में से 18 गुण मिलते हैं, जिसे यह "स्वीकार्य — कुछ बातों पर चर्चा ज़रूरी" पढ़ता है। यह लगभग अठारह गुण की उसी सीमा पर है जिसे कई परिवार न्यूनतम मानते हैं, इसलिए जो कूट शून्य हैं उन पर ठीक से चर्चा होनी चाहिए। दोनों की जन्म तिथि, समय और स्थान वाली पूरी कुंडली इस आँकड़े को बदल सकती है, इसलिए वास्तविक जोड़े के सटीक परिणाम के लिए निःशुल्क कैलकुलेटर का उपयोग करें।

अश्विनी और स्वाति के बीच कितने गुण मिलते हैं?

36 में से 18: नक्षत्र-आधारित 21 अंकों (तारा, योनि, गण, नाड़ी) में से 16, और राशि-आधारित 15 अंकों (वर्ण, वश्य, ग्रह मैत्री, भकूट) में से 2 — अश्विनी के लिए चंद्रमा मेष में और स्वाति के लिए तुला में मानकर।

क्या अश्विनी और स्वाति के बीच नाड़ी दोष है?

नहीं। इस गणना में दोनों नक्षत्र अलग-अलग नाड़ी में आते हैं, इसलिए नाड़ी पूरे 8 अंक पाता है और नाड़ी दोष नहीं है।

क्या इससे फ़र्क पड़ता है कि अश्विनी और स्वाति में लड़के का नक्षत्र कौन-सा है?

इस कैलकुलेटर में नहीं: हर कूट की गणना सममित है, इसलिए स्वाति और अश्विनी को भी वही 36 में से 18 गुण मिलते हैं। कुछ पारंपरिक पद्धतियाँ तारा केवल कन्या के नक्षत्र से गिनती हैं और एक-दो अंक का अंतर दे सकती हैं।

अश्विनी अन्य सभी नक्षत्रों के साथ

स्वाति अन्य सभी नक्षत्रों के साथ

मेष और तुला राशि मिलान देखें →

मिलान के आँकड़े TrueSaath के निःशुल्क कैलकुलेटर द्वारा गणित पारंपरिक गुण मिलान हैं, और संदर्भ के लिए हैं, सलाह के रूप में नहीं।