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मृगशिरा और पुनर्वसु नक्षत्र मिलान

मृगशिरा और पुनर्वसु को विवाह मिलान के पारंपरिक गुण मिलान में 36 में से 30 गुण मिलते हैं। यह सबसे ऊँचा वर्ग है — अधिकांश परिवार और ज्योतिषी इसे पारंपरिक मापदंडों पर एक मज़बूत, सहज मिलान मानेंगे।

30 / 36
उत्तम मिलान — अत्यंत शुभ
नक्षत्र-आधारित कूट17 / 21तारा · योनि · गण · नाड़ी
राशि-आधारित कूट13 / 15चंद्रमा वृषभ और मिथुन में

कूट दर कूट

कूट · क्या मापता हैअंकपरिणाम
वर्ण
आध्यात्मिक झुकाव और कार्य-नीति का मेल
0 / 1शून्य
वश्य
रोज़मर्रा में एक-दूसरे पर प्रभाव और सहज तालमेल
2 / 2पूर्ण
तारा
एक-दूसरे के भाग्य और स्वास्थ्य पर प्रभाव
1 / 3आंशिक
योनि
शारीरिक और भावनात्मक निकटता का मेल
2 / 4आंशिक
ग्रह मैत्री
मानसिक मेल — सोचने का ढंग कितना मिलता है
4 / 5आंशिक
गण
स्वभाव का मेल — शांत, संतुलित या तीव्र प्रकृति
6 / 6पूर्ण
भकूट
प्रेम, परिवार की वृद्धि और आर्थिक सामंजस्य
7 / 7पूर्ण
नाड़ी
स्वास्थ्य और संतान से जुड़ा मेल — परंपरा में सबसे भारी कूट
8 / 8पूर्ण

मृगशिरा और पुनर्वसु के लिए इन अंकों का अर्थ

दोनों नक्षत्र देव गण के हैं, इसलिए गण कूट — स्वभाव का कूट — पूरे 6 अंक पाता है। रोज़मर्रा का टकराव सबसे पहले स्वभाव में दिखता है, इसलिए यहाँ मेल का महत्व इसके अंकों से अधिक है।

नाड़ी — 8 अंकों का सबसे भारी कूट — पूरे अंक पाता है: इस गणना में दोनों नक्षत्र अलग-अलग नाड़ी में आते हैं, और परिवार सबसे पहले यही देखते हैं।

योनि कूट 4 में से 2 अंक पाता है — निकटता के कूट पर मैत्रीपूर्ण जोड़ी, यद्यपि एक-सी नहीं। तारा कूट 3 में से 1 अंक पाता है — भाग्य पर प्रभाव के लिए मध्यम परिणाम।

चंद्रमा वृषभ (Taurus) और मिथुन (Gemini) में होने पर भकूट पूरे 7 अंक पाता है — ये राशियाँ उस षडाष्टक (6/8) स्थिति में नहीं हैं जिसे यह कैलकुलेटर भकूट दोष मानता है। वृषभ का स्वामी शुक्र और मिथुन का स्वामी बुध है, जिससे ग्रह मैत्री 5 में से 4 और वश्य 2 में से 2 अंक पाता है। वर्ण 1 में से 0 अंक पाता है।

दोनों नक्षत्र

मृगशिरा

कोमल, जिज्ञासु खोजी — बेचैन मन जो हमेशा किसी बेहतर चीज़ की तलाश में रहता है।

स्वामी ग्रह
मंगल
गण
देव
देवता
सोम
प्रतीक
हिरण का सिर
ली गई चंद्र राशि
वृषभ (Taurus)

पुनर्वसु

आशावादी और क्षमाशील — जो खो जाए, उसे वापस पाने का हुनर इनमें है।

स्वामी ग्रह
गुरु
गण
देव
देवता
अदिति
प्रतीक
धनुष और तरकश
ली गई चंद्र राशि
मिथुन (Gemini)

चंद्र राशि की मान्यता के बारे में

चार कूट — वर्ण, वश्य, ग्रह मैत्री और भकूट — नक्षत्र नहीं, चंद्र राशि पढ़ते हैं, और दो नक्षत्रों के पृष्ठ के पास जन्म विवरण नहीं होता। मृगशिरा दो राशियों में फैला है — पद 1, 2 वृषभ में; पद 3, 4 मिथुन में — और यह पृष्ठ वृषभ लेता है (बराबर बँटवारे में पहली राशि)। पुनर्वसु दो राशियों में फैला है — पद 1, 2, 3 मिथुन में; पद 4 कर्क में — और यह पृष्ठ मिथुन लेता है। इसलिए ऊपर के राशि-आधारित 15 अंक सामान्य स्थिति बताते हैं; वास्तविक स्थिति जोड़े की अपनी कुंडलियाँ तय करती हैं।

किसी वास्तविक जोड़े का सटीक मिलान देखें

यह पृष्ठ दोनों नक्षत्रों को उनकी सामान्य चंद्र राशि में लेकर गणना करता है। निःशुल्क कैलकुलेटर दोनों की जन्म तिथि, समय और स्थान लेता है, प्रत्येक का वास्तविक नक्षत्र, पद और राशि निकालता है, और मांगलिक जाँच व छपने योग्य रिपोर्ट के साथ पूरे 36 गुणों का मिलान देता है। आपकी दी गई कोई जानकारी सहेजी नहीं जाती।

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TrueSaath Matrimony हर सुझाए गए प्रोफ़ाइल का गुण मिलान अपने आप करता है — मृगशिरा नक्षत्र का सदस्य एक नज़र में देख लेता है कि पुनर्वसु नक्षत्र का प्रोफ़ाइल कैसा बैठता है।

लोग अक्सर पूछते हैं

क्या मृगशिरा और पुनर्वसु नक्षत्र का विवाह के लिए अच्छा मिलान है?

मृगशिरा और पुनर्वसु को TrueSaath के गुण मिलान कैलकुलेटर में 36 में से 30 गुण मिलते हैं, जिसे यह "उत्तम मिलान — अत्यंत शुभ" पढ़ता है। यह सबसे ऊँचा वर्ग है — अधिकांश परिवार और ज्योतिषी इसे पारंपरिक मापदंडों पर एक मज़बूत, सहज मिलान मानेंगे। दोनों की जन्म तिथि, समय और स्थान वाली पूरी कुंडली इस आँकड़े को बदल सकती है, इसलिए वास्तविक जोड़े के सटीक परिणाम के लिए निःशुल्क कैलकुलेटर का उपयोग करें।

मृगशिरा और पुनर्वसु के बीच कितने गुण मिलते हैं?

36 में से 30: नक्षत्र-आधारित 21 अंकों (तारा, योनि, गण, नाड़ी) में से 17, और राशि-आधारित 15 अंकों (वर्ण, वश्य, ग्रह मैत्री, भकूट) में से 13 — मृगशिरा के लिए चंद्रमा वृषभ में और पुनर्वसु के लिए मिथुन में मानकर।

क्या मृगशिरा और पुनर्वसु के बीच नाड़ी दोष है?

नहीं। इस गणना में दोनों नक्षत्र अलग-अलग नाड़ी में आते हैं, इसलिए नाड़ी पूरे 8 अंक पाता है और नाड़ी दोष नहीं है।

क्या इससे फ़र्क पड़ता है कि मृगशिरा और पुनर्वसु में लड़के का नक्षत्र कौन-सा है?

इस कैलकुलेटर में नहीं: हर कूट की गणना सममित है, इसलिए पुनर्वसु और मृगशिरा को भी वही 36 में से 30 गुण मिलते हैं। कुछ पारंपरिक पद्धतियाँ तारा केवल कन्या के नक्षत्र से गिनती हैं और एक-दो अंक का अंतर दे सकती हैं।

मृगशिरा अन्य सभी नक्षत्रों के साथ

पुनर्वसु अन्य सभी नक्षत्रों के साथ

वृषभ और मिथुन राशि मिलान देखें →

मिलान के आँकड़े TrueSaath के निःशुल्क कैलकुलेटर द्वारा गणित पारंपरिक गुण मिलान हैं, और संदर्भ के लिए हैं, सलाह के रूप में नहीं।