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मृगशिरा और पुष्य नक्षत्र मिलान
मृगशिरा और पुष्य को विवाह मिलान के पारंपरिक गुण मिलान में 36 में से 17 गुण मिलते हैं। यह अठारह गुण की सीमा से नीचे है। यह कोई रोक नहीं है — कई अच्छे विवाह इसी वर्ग में हैं — पर यह संकेत है कि हर कूट को देखा जाए और परिवार चाहे तो ज्योतिषी से उपाय पूछे।
कूट दर कूट
| कूट · क्या मापता है | अंक | परिणाम |
|---|---|---|
| वर्ण आध्यात्मिक झुकाव और कार्य-नीति का मेल | 0 / 1 | शून्य |
| वश्य रोज़मर्रा में एक-दूसरे पर प्रभाव और सहज तालमेल | 0 / 2 | शून्य |
| तारा एक-दूसरे के भाग्य और स्वास्थ्य पर प्रभाव | 3 / 3 | पूर्ण |
| योनि शारीरिक और भावनात्मक निकटता का मेल | 0 / 4 | शून्य |
| ग्रह मैत्री मानसिक मेल — सोचने का ढंग कितना मिलता है | 1 / 5 | आंशिक |
| गण स्वभाव का मेल — शांत, संतुलित या तीव्र प्रकृति | 6 / 6 | पूर्ण |
| भकूट प्रेम, परिवार की वृद्धि और आर्थिक सामंजस्य | 7 / 7 | पूर्ण |
| नाड़ी स्वास्थ्य और संतान से जुड़ा मेल — परंपरा में सबसे भारी कूट | 0 / 8 | शून्य |
मृगशिरा और पुष्य के लिए इन अंकों का अर्थ
दोनों नक्षत्र देव गण के हैं, इसलिए गण कूट — स्वभाव का कूट — पूरे 6 अंक पाता है। रोज़मर्रा का टकराव सबसे पहले स्वभाव में दिखता है, इसलिए यहाँ मेल का महत्व इसके अंकों से अधिक है।
नाड़ी 8 में से 0 अंक पाता है: इस गणना में मृगशिरा और पुष्य एक ही नाड़ी में आते हैं, जिसे परंपरा में नाड़ी दोष कहा जाता है। यह वह कूट है जिसे परिवार सबसे अधिक महत्व देते हैं, और सामान्य सलाह है कि पूरी कुंडलियाँ ज्योतिषी को दिखाई जाएँ, जहाँ राशि और पद पर आधारित अपवाद अक्सर लागू होते हैं।
योनि कूट 4 में से 0 अंक पाता है — परंपरा में ये दो नक्षत्र निकटता के कूट पर विरोधी जोड़ी माने जाते हैं। तारा कूट, जो बताता है कि हर साथी दूसरे के भाग्य पर कैसा प्रभाव डालता है, पूरे अंक पाता है।
चंद्रमा वृषभ (Taurus) और कर्क (Cancer) में होने पर भकूट पूरे 7 अंक पाता है — ये राशियाँ उस षडाष्टक (6/8) स्थिति में नहीं हैं जिसे यह कैलकुलेटर भकूट दोष मानता है। वृषभ का स्वामी शुक्र और कर्क का स्वामी चंद्र है, जिससे ग्रह मैत्री 5 में से 1 और वश्य 2 में से 0 अंक पाता है। वर्ण 1 में से 0 अंक पाता है।
दोनों नक्षत्र
मृगशिरा
कोमल, जिज्ञासु खोजी — बेचैन मन जो हमेशा किसी बेहतर चीज़ की तलाश में रहता है।
- स्वामी ग्रह
- मंगल
- गण
- देव
- देवता
- सोम
- प्रतीक
- हिरण का सिर
- ली गई चंद्र राशि
- वृषभ (Taurus)
पुष्य
पालन-पोषण करने वाले और कर्तव्यनिष्ठ — सबसे शुभ माना जाने वाला नक्षत्र, मानसून की बारिश जैसा स्थिर।
- स्वामी ग्रह
- शनि
- गण
- देव
- देवता
- बृहस्पति
- प्रतीक
- गाय का थन / कमल
- ली गई चंद्र राशि
- कर्क (Cancer)
चंद्र राशि की मान्यता के बारे में
चार कूट — वर्ण, वश्य, ग्रह मैत्री और भकूट — नक्षत्र नहीं, चंद्र राशि पढ़ते हैं, और दो नक्षत्रों के पृष्ठ के पास जन्म विवरण नहीं होता। मृगशिरा दो राशियों में फैला है — पद 1, 2 वृषभ में; पद 3, 4 मिथुन में — और यह पृष्ठ वृषभ लेता है (बराबर बँटवारे में पहली राशि)। पुष्य के चारों पद कर्क में आते हैं। इसलिए ऊपर के राशि-आधारित 15 अंक सामान्य स्थिति बताते हैं; वास्तविक स्थिति जोड़े की अपनी कुंडलियाँ तय करती हैं।
किसी वास्तविक जोड़े का सटीक मिलान देखें
यह पृष्ठ दोनों नक्षत्रों को उनकी सामान्य चंद्र राशि में लेकर गणना करता है। निःशुल्क कैलकुलेटर दोनों की जन्म तिथि, समय और स्थान लेता है, प्रत्येक का वास्तविक नक्षत्र, पद और राशि निकालता है, और मांगलिक जाँच व छपने योग्य रिपोर्ट के साथ पूरे 36 गुणों का मिलान देता है। आपकी दी गई कोई जानकारी सहेजी नहीं जाती।
निःशुल्क कुंडली मिलान करें कुंडली से मेल खाता जीवनसाथी खोजेंTrueSaath Matrimony हर सुझाए गए प्रोफ़ाइल का गुण मिलान अपने आप करता है — मृगशिरा नक्षत्र का सदस्य एक नज़र में देख लेता है कि पुष्य नक्षत्र का प्रोफ़ाइल कैसा बैठता है।
लोग अक्सर पूछते हैं
क्या मृगशिरा और पुष्य नक्षत्र का विवाह के लिए अच्छा मिलान है?
मृगशिरा और पुष्य को TrueSaath के गुण मिलान कैलकुलेटर में 36 में से 17 गुण मिलते हैं, जिसे यह "औसत — सोच-समझकर आगे बढ़ें" पढ़ता है। यह अठारह गुण की सीमा से नीचे है। यह कोई रोक नहीं है — कई अच्छे विवाह इसी वर्ग में हैं — पर यह संकेत है कि हर कूट को देखा जाए और परिवार चाहे तो ज्योतिषी से उपाय पूछे। दोनों की जन्म तिथि, समय और स्थान वाली पूरी कुंडली इस आँकड़े को बदल सकती है, इसलिए वास्तविक जोड़े के सटीक परिणाम के लिए निःशुल्क कैलकुलेटर का उपयोग करें।
मृगशिरा और पुष्य के बीच कितने गुण मिलते हैं?
36 में से 17: नक्षत्र-आधारित 21 अंकों (तारा, योनि, गण, नाड़ी) में से 9, और राशि-आधारित 15 अंकों (वर्ण, वश्य, ग्रह मैत्री, भकूट) में से 8 — मृगशिरा के लिए चंद्रमा वृषभ में और पुष्य के लिए कर्क में मानकर।
क्या मृगशिरा और पुष्य के बीच नाड़ी दोष है?
हाँ, इस गणना में: मृगशिरा और पुष्य एक ही नाड़ी में हैं, इसलिए नाड़ी 8 में से 0 अंक पाता है। राशि और पद पर आधारित शास्त्रीय अपवाद अक्सर लागू होते हैं, इसीलिए अगला कदम पूरी कुंडलियों को ज्योतिषी से पढ़वाना होता है।
क्या इससे फ़र्क पड़ता है कि मृगशिरा और पुष्य में लड़के का नक्षत्र कौन-सा है?
इस कैलकुलेटर में नहीं: हर कूट की गणना सममित है, इसलिए पुष्य और मृगशिरा को भी वही 36 में से 17 गुण मिलते हैं। कुछ पारंपरिक पद्धतियाँ तारा केवल कन्या के नक्षत्र से गिनती हैं और एक-दो अंक का अंतर दे सकती हैं।
मृगशिरा अन्य सभी नक्षत्रों के साथ
पुष्य अन्य सभी नक्षत्रों के साथ
वृषभ और कर्क राशि मिलान देखें →
मिलान के आँकड़े TrueSaath के निःशुल्क कैलकुलेटर द्वारा गणित पारंपरिक गुण मिलान हैं, और संदर्भ के लिए हैं, सलाह के रूप में नहीं।