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पुष्य और ज्येष्ठा नक्षत्र मिलान

पुष्य और ज्येष्ठा को विवाह मिलान के पारंपरिक गुण मिलान में 36 में से 20 गुण मिलते हैं। यह लगभग अठारह गुण की उसी सीमा पर है जिसे कई परिवार न्यूनतम मानते हैं, इसलिए जो कूट शून्य हैं उन पर ठीक से चर्चा होनी चाहिए।

20 / 36
स्वीकार्य — कुछ बातों पर चर्चा ज़रूरी
नक्षत्र-आधारित कूट12 / 21तारा · योनि · गण · नाड़ी
राशि-आधारित कूट8 / 15चंद्रमा कर्क और वृश्चिक में

कूट दर कूट

कूट · क्या मापता हैअंकपरिणाम
वर्ण
आध्यात्मिक झुकाव और कार्य-नीति का मेल
0 / 1शून्य
वश्य
रोज़मर्रा में एक-दूसरे पर प्रभाव और सहज तालमेल
0 / 2शून्य
तारा
एक-दूसरे के भाग्य और स्वास्थ्य पर प्रभाव
3 / 3पूर्ण
योनि
शारीरिक और भावनात्मक निकटता का मेल
1 / 4आंशिक
ग्रह मैत्री
मानसिक मेल — सोचने का ढंग कितना मिलता है
1 / 5आंशिक
गण
स्वभाव का मेल — शांत, संतुलित या तीव्र प्रकृति
0 / 6शून्य
भकूट
प्रेम, परिवार की वृद्धि और आर्थिक सामंजस्य
7 / 7पूर्ण
नाड़ी
स्वास्थ्य और संतान से जुड़ा मेल — परंपरा में सबसे भारी कूट
8 / 8पूर्ण

पुष्य और ज्येष्ठा के लिए इन अंकों का अर्थ

पुष्य देव गण का और ज्येष्ठा राक्षस गण का नक्षत्र है — परंपरा में ये दो गण सबसे दूर माने जाते हैं, इसलिए गण कूट 6 में से 0 अंक पाता है। दो वैसे मेल खाती कुंडलियों के बीच कम कुल अंक के पीछे अक्सर यही कूट होता है; यह स्वभाव की बात है, चरित्र की नहीं।

नाड़ी — 8 अंकों का सबसे भारी कूट — पूरे अंक पाता है: इस गणना में दोनों नक्षत्र अलग-अलग नाड़ी में आते हैं, और परिवार सबसे पहले यही देखते हैं।

योनि कूट 4 में से 1 अंक पाता है — निकटता के कूट पर तटस्थ जोड़ी। तारा कूट, जो बताता है कि हर साथी दूसरे के भाग्य पर कैसा प्रभाव डालता है, पूरे अंक पाता है।

चंद्रमा कर्क (Cancer) और वृश्चिक (Scorpio) में होने पर भकूट पूरे 7 अंक पाता है — ये राशियाँ उस षडाष्टक (6/8) स्थिति में नहीं हैं जिसे यह कैलकुलेटर भकूट दोष मानता है। कर्क का स्वामी चंद्र और वृश्चिक का स्वामी मंगल है, जिससे ग्रह मैत्री 5 में से 1 और वश्य 2 में से 0 अंक पाता है। वर्ण 1 में से 0 अंक पाता है।

दोनों नक्षत्र

पुष्य

पालन-पोषण करने वाले और कर्तव्यनिष्ठ — सबसे शुभ माना जाने वाला नक्षत्र, मानसून की बारिश जैसा स्थिर।

स्वामी ग्रह
शनि
गण
देव
देवता
बृहस्पति
प्रतीक
गाय का थन / कमल
ली गई चंद्र राशि
कर्क (Cancer)

ज्येष्ठा

हर उम्र में रक्षक बड़े — तीखे, ज़िम्मेदार और परखे जाने पर दुर्जेय।

स्वामी ग्रह
बुध
गण
राक्षस
देवता
इंद्र
प्रतीक
गोल ताबीज़
ली गई चंद्र राशि
वृश्चिक (Scorpio)

चंद्र राशि की मान्यता के बारे में

चार कूट — वर्ण, वश्य, ग्रह मैत्री और भकूट — नक्षत्र नहीं, चंद्र राशि पढ़ते हैं, और दो नक्षत्रों के पृष्ठ के पास जन्म विवरण नहीं होता। पुष्य के चारों पद कर्क में आते हैं। ज्येष्ठा के चारों पद वृश्चिक में आते हैं। इसलिए ऊपर के राशि-आधारित 15 अंक सामान्य स्थिति बताते हैं; वास्तविक स्थिति जोड़े की अपनी कुंडलियाँ तय करती हैं।

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यह पृष्ठ दोनों नक्षत्रों को उनकी सामान्य चंद्र राशि में लेकर गणना करता है। निःशुल्क कैलकुलेटर दोनों की जन्म तिथि, समय और स्थान लेता है, प्रत्येक का वास्तविक नक्षत्र, पद और राशि निकालता है, और मांगलिक जाँच व छपने योग्य रिपोर्ट के साथ पूरे 36 गुणों का मिलान देता है। आपकी दी गई कोई जानकारी सहेजी नहीं जाती।

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TrueSaath Matrimony हर सुझाए गए प्रोफ़ाइल का गुण मिलान अपने आप करता है — पुष्य नक्षत्र का सदस्य एक नज़र में देख लेता है कि ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रोफ़ाइल कैसा बैठता है।

लोग अक्सर पूछते हैं

क्या पुष्य और ज्येष्ठा नक्षत्र का विवाह के लिए अच्छा मिलान है?

पुष्य और ज्येष्ठा को TrueSaath के गुण मिलान कैलकुलेटर में 36 में से 20 गुण मिलते हैं, जिसे यह "स्वीकार्य — कुछ बातों पर चर्चा ज़रूरी" पढ़ता है। यह लगभग अठारह गुण की उसी सीमा पर है जिसे कई परिवार न्यूनतम मानते हैं, इसलिए जो कूट शून्य हैं उन पर ठीक से चर्चा होनी चाहिए। दोनों की जन्म तिथि, समय और स्थान वाली पूरी कुंडली इस आँकड़े को बदल सकती है, इसलिए वास्तविक जोड़े के सटीक परिणाम के लिए निःशुल्क कैलकुलेटर का उपयोग करें।

पुष्य और ज्येष्ठा के बीच कितने गुण मिलते हैं?

36 में से 20: नक्षत्र-आधारित 21 अंकों (तारा, योनि, गण, नाड़ी) में से 12, और राशि-आधारित 15 अंकों (वर्ण, वश्य, ग्रह मैत्री, भकूट) में से 8 — पुष्य के लिए चंद्रमा कर्क में और ज्येष्ठा के लिए वृश्चिक में मानकर।

क्या पुष्य और ज्येष्ठा के बीच नाड़ी दोष है?

नहीं। इस गणना में दोनों नक्षत्र अलग-अलग नाड़ी में आते हैं, इसलिए नाड़ी पूरे 8 अंक पाता है और नाड़ी दोष नहीं है।

क्या इससे फ़र्क पड़ता है कि पुष्य और ज्येष्ठा में लड़के का नक्षत्र कौन-सा है?

इस कैलकुलेटर में नहीं: हर कूट की गणना सममित है, इसलिए ज्येष्ठा और पुष्य को भी वही 36 में से 20 गुण मिलते हैं। कुछ पारंपरिक पद्धतियाँ तारा केवल कन्या के नक्षत्र से गिनती हैं और एक-दो अंक का अंतर दे सकती हैं।

पुष्य अन्य सभी नक्षत्रों के साथ

ज्येष्ठा अन्य सभी नक्षत्रों के साथ

कर्क और वृश्चिक राशि मिलान देखें →

मिलान के आँकड़े TrueSaath के निःशुल्क कैलकुलेटर द्वारा गणित पारंपरिक गुण मिलान हैं, और संदर्भ के लिए हैं, सलाह के रूप में नहीं।